सेवा संकल्प अभियान के तहत कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिए मार्गदर्शन, लक्ष्य तय कर नियमित अध्ययन पर दिया जोर

सेवा संकल्प अभियान के तहत कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित

रायपुर -एमसीबीसेवा संकल्प अभियान के तहत युवाओं को शिक्षा, रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर दिशा देने के उद्देश्य से शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ में कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन की रणनीति, समय प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यक्रम में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, एसडीएम लिंगराज सिदार, डिप्टी कलेक्टर स्वप्निल वर्मा, सुश्री नेहा खलखो एवं डॉ. प्रशांत अग्रवाल महाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. श्राबनी चक्रवर्ती सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

लक्ष्य बड़ा हो तो तैयारी भी हो योजनाबद्ध

कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही दिशा, स्पष्ट लक्ष्य और योजनाबद्ध तैयारी भी महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप कैरियर का चयन करने तथा निर्धारित लक्ष्य के लिए चरणबद्ध अध्ययन योजना तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।

विशेषज्ञों ने UPSC एवं CGPSC जैसी परीक्षाओं की प्रकृति, प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार सहित चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। साथ ही सामान्य अध्ययन, समसामयिक घटनाक्रम, भाषा, तर्कशक्ति एवं विषयवार तैयारी के महत्व को समझाया गया।

पढ़ाई के साथ करें समय प्रबंधन

विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के लिए दैनिक समय-सारणी बनाने, विषयों के अनुसार समय निर्धारित करने तथा कठिन विषयों पर अतिरिक्त ध्यान देने की सलाह दी गई। परीक्षा की तैयारी के दौरान नोट्स बनाने, पुराने प्रश्नपत्र हल करने, मॉक टेस्ट देने और नियमित पुनरावृत्ति को अध्ययन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी लंबी प्रक्रिया हो सकती है। ऐसे में असफलता या शुरुआती कठिनाइयों से निराश होने के बजाय अपनी कमियों की पहचान कर रणनीति में आवश्यक बदलाव करते हुए निरंतर प्रयास जारी रखना चाहिए।

अधिकारी बने प्रेरणा, साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कैरियर निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने, समय का सदुपयोग करने तथा पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यार्थियों को बताया गया कि शासकीय सेवाओं के साथ शिक्षा, बैंकिंग, रक्षा, पुलिस, न्यायिक सेवा, शिक्षण, तकनीकी एवं अन्य क्षेत्रों में भी करियर की व्यापक संभावनाएं हैं। अपनी रुचि, योग्यता और लक्ष्य के अनुरूप क्षेत्र का चयन कर उसके लिए आवश्यक परीक्षा एवं पात्रता की जानकारी जुटाकर तैयारी शुरू करने की सलाह दी गई।

डिजिटल संसाधनों का करें सही उपयोग

कैरियर मार्गदर्शन के दौरान विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उपलब्ध डिजिटल शिक्षण संसाधनों का व्यवस्थित उपयोग करने की जानकारी भी दी गई। ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, विषयवार व्याख्यान, ई-बुक्स, मॉक टेस्ट और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़ी विश्वसनीय सामग्री का उपयोग करते हुए अध्ययन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही विद्यार्थियों को सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग समयबद्ध और उद्देश्यपूर्ण तरीके से करने की सलाह दी गई, ताकि अध्ययन का समय अनावश्यक गतिविधियों में व्यर्थ न हो।

सही दिशा और निरंतर प्रयास से खुलते हैं सफलता के रास्ते

कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए सही दिशा में निरंतर प्रयास जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए लक्ष्य निर्धारित करने, नियमित अध्ययन करने और समय-समय पर अपनी तैयारी का मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित किया गया।

सेवा संकल्प अभियान” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और कैरियर के विभिन्न विकल्पों को समझने के साथ अपने भविष्य की तैयारी के लिए नई दिशा प्रदान की। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता ने कार्यक्रम के प्रति युवाओं की रुचि को भी प्रदर्शित किया।