शिक्षा, संस्कार और अनुभव का संगम: भैविन माइंड स्कूल में सजा ‘ओपन हाउस’ का प्रेरक मंच
रतलाम। शहर के बरबड़ रोड स्थित गंगासागर क्षेत्र में संचालित भैविन माइंड स्कूल में सोमवार को आयोजित “ओपन हाउस” एवं अभिभावक चर्चा कार्यक्रम ने शिक्षा के पारंपरिक आयामों से आगे बढ़कर संस्कार, अनुभव और जीवन मूल्यों के समन्वय का अद्भुत संदेश दिया। इस गरिमामय आयोजन में 200 से अधिक अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को जीवंत और प्रेरणादायी बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की अधिष्ठात्री माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर संस्कार ऋषि पंडित दिनेश व्यास (घटवास), विद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती अलका श्रीनिवास सिंह, सम्मानित शिक्षकों एवं अभिभावकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर ज्ञान और संस्कार के प्रकाश को प्रज्ज्वलित किया।
मंच पर संस्कार ऋषि पंडित दिनेश व्यास, युवा उद्योगपति वरुण पोरवाल, पं. संजय शिव शंकर दवे, श्रीमती डॉली भटनागर, श्रीमती अलका श्रीनिवास सिंह एवं सैलाना से पधारे विद्वान पंडितजी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ा दिया।
मुख्य अतिथि पंडित दिनेश व्यास ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत करते हुए कहा कि “केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि शिक्षा में संस्कारों का समावेश ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की कुंजी है।” उन्होंने धर्म और कर्म के संतुलन को जीवन की सफलता का मूल मंत्र बताते हुए विद्यालय द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की। साथ ही भविष्य में विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन एवं कार्यशालाएं आयोजित करने का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर युवा उद्योगपति वरुण पोरवाल ने विद्यालय की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि “आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अनुभव और संस्कार ही व्यक्ति को मजबूत बनाते हैं।” उन्होंने कहा कि धर्म और नैतिक मूल्यों से जुड़कर विद्यार्थी आत्मबल प्राप्त करते हैं और जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। साथ ही खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान नाथ राठौर, शीतल जैन एवं मोहिनी चौहान सहित अनेक अभिभावकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती डॉली भटनागर द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी सुस्पष्ट शैली से कार्यक्रम को प्रभावी रूप दिया। अंत में विद्यार्थियों द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया तथा सभी उपस्थित जनों के लिए स्वल्पाहार की सुसंगठित व्यवस्था की गई।
यह ‘ओपन हाउस’ कार्यक्रम न केवल शिक्षा का उत्सव बना, बल्कि संस्कार, संवाद और सामूहिक सहभागिता का ऐसा मंच साबित हुआ, जिसने अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया।