एकलव्य विद्यालय से स्वास्थ्य केंद्र तक कलेक्टर ने परखी व्यवस्थाएं

पिछोराबांध में निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं पशु चिकित्सालय बहरासी का निरीक्षण; कार्यों में गुणवत्ता और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश

एकलव्य विद्यालय से स्वास्थ्य केंद्र तक कलेक्टर ने परखी व्यवस्थाएं

रायपुर - कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित एवं निर्माणाधीन शासकीय संस्थानों की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए पिछोराबांध एवं बहरासी क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने पिछोराबांध में निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय तथा बहरासी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं पशु चिकित्सालय का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से कार्यों और व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, एसडीएम भरतपुर शशि शेखर मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर स्वप्निल वर्मा एवं सुश्री नेहा खलखो उपस्थित रहे।

निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालय में निर्माण कार्यों की समीक्षा

कलेक्टर ने पिछोराबांध में निर्माणाधीन एकलव्य आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर भवन निर्माण की वर्तमान प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माणाधीन भवन के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए निर्माण की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही सामग्री, निर्धारित मापदंडों तथा कार्य की गति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अब तक पूर्ण हुए कार्यों और शेष कार्यों की स्थिति के साथ कार्य पूर्ण होने की संभावित समय-सीमा के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मापदंडों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो और निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि एकलव्य आवासीय विद्यालय में दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसलिए विद्यालय भवन में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आवास, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, विद्युत तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की सुविधाओं का लिया जायजा

इसके बाद कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहरासी का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता, मरीजों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं तथा साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ आवश्यक जांच एवं दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों से स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों की संख्या और उन्हें प्रदान की जा रही सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इसलिए यहां आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उसे उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित और बेहतर बनाए रखने पर भी जोर दिया।

पशु चिकित्सालय में पशुपालकों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

कलेक्टर ने पशु चिकित्सालय बहरासी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पशुपालकों को उपलब्ध कराई जा रही पशु चिकित्सा सेवाओं, पशुओं के उपचार, दवाइयों की उपलब्धता तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र के पशुपालकों को पशुओं के उपचार एवं देखभाल के साथ शासन द्वारा संचालित पशुपालन संबंधी योजनाओं की जानकारी दी जाए और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने पशु चिकित्सा सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र व्यक्ति को उसके अधिकार और सुविधा का लाभ बिना अनावश्यक परेशानी के मिले। उन्होंने मैदानी अमले को हितग्राहियों से नियमित संवाद करने, उनकी समस्याओं की जानकारी लेने तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित योजनाओं और सेवाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा।

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य शासकीय संस्थाओं को बेहतर बनाते हुए आम नागरिकों और हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण सेवायें उपलब्ध कराना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पशुपालन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संचालित संस्थाओं की नियमित निगरानी से व्यवस्थाओं में सुधार के साथ ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।