मातृत्व के सफर में साक्षी को मिला शासन का सहारा, 5 हजार की मदद से आसान हुई राह

सेवा संकल्प अभियान में सामने आई मनेंद्रगढ़ की साक्षी की कहानी, पहली संतान पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली आर्थिक सहायता

मातृत्व के सफर में साक्षी को मिला शासन का सहारा, 5 हजार की मदद से आसान हुई राह

रायपुर - एमसीबी मां बनने की खुशी के साथ गर्भावस्था में कई तरह की जरूरतें भी सामने आती हैं। स्वास्थ्य जांच से लेकर पोषण और देखभाल तक, इस दौरान अतिरिक्त खर्च परिवार की चिंता बढ़ा सकता है। ऐसे समय में शासन की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) मनेंद्रगढ़ निवासी साक्षी जी के लिए आर्थिक सहारा बनी। पहली संतान के जन्म पर उन्हें योजना के तहत 5 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई।

गर्भावस्था में मिली योजना की जानकारी

साक्षी जी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में बताया। उन्हें योजना के तहत मिलने वाली सहायता, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में भी सहयोग किया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद साक्षी को योजना के तहत 5 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि यह राशि उनके लिए उपयोगी रही और मातृत्व के दौरान आने वाली आर्थिक जरूरतों में मदद मिली।

जानकारी से लाभ तक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की रही भूमिका

साक्षी जी ने योजना का लाभ मिलने पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि यदि समय पर योजना की जानकारी नहीं मिलती तो उन्हें इसके लाभ के बारे में पता नहीं चल पाता। उन्होंने योजना की जानकारी देने और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रति आभार जताया। यह अनुभव बताता है कि गांव स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा योजनाओं की जानकारी और हितग्राहियों को आवेदन में सहयोग देने से पात्र महिलाओं तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलती है।

पहली संतान पर 5 हजार की सहायता

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र महिलाओं को पहली जीवित संतान के लिए 5 हजार रुपए की सहायता निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दी जाती है। वहीं दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता का प्रावधान है। साक्षी जी को पहली संतान के लिए योजना के तहत 5 हजार रुपए की सहायता प्राप्त हुई है।

आर्थिक मदद के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को उचित पोषण के लिए प्रोत्साहित करने, आवश्यक प्रसव पूर्व जांच (ANC) और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाता है। योजना के माध्यम से गर्भावस्था के दौरान होने वाली संभावित आय की क्षति की आंशिक भरपाई के रूप में भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पात्र महिलाओं को आवेदन एवं पंजीयन की प्रक्रिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम और आशा कार्यकर्ता सहयोग प्रदान करती हैं।

सुरक्षित मातृत्व के लिए जागरूकता भी जरूरी

गर्भावस्था की जानकारी मिलते ही समय पर पंजीयन कराने और निर्धारित प्रसव पूर्व जांच कराने के साथ आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन, संस्थागत प्रसव और बच्चे का समय पर टीकाकरण महत्वपूर्ण है। इन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़कर मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

मनेंद्रगढ़ की साक्षी की कहानी इस बात को सामने लाती है कि सही समय पर मिली जानकारी और शासकीय सहायता मातृत्व के महत्वपूर्ण दौर में परिवार के लिए आर्थिक संबल बन सकती है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से ऐसी कहानियां सामने आ रही हैं, जहां योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचकर उनके जीवन में उपयोगी सहारा बन रहा है।