हमारे विद्यालय की शिक्षा और संस्कार विद्यार्थियों को जीवन में बेहतर ऊंचाई तक पहुंचाती है विनोद कुमार शुक्ल

हमारे विद्यालय की शिक्षा और संस्कार विद्यार्थियों को जीवन में बेहतर ऊंचाई तक पहुंचाती है विनोद कुमार शुक्ल
हमारे विद्यालय की शिक्षा और संस्कार विद्यार्थियों को जीवन में बेहतर ऊंचाई तक पहुंचाती है विनोद कुमार शुक्ल

जिला ब्यूरो मृत्युन्जय सोनी 

एमसीबी/विद्या भारती छात्रों को विद्या के साथ संस्कार भी देती है अंग्रेजी भाषा हमारी संस्कृति को विचलित कर रही है हमें अंग्रेजी सीखनी है लेकिन अंग्रेजियत से दूर रहना है मेरा मानना है कि जिंदगी ऐसे जियो की मिसाल बन जाए

       सरस्वती शिशु मंदिर के 22 वर्ष के छात्रों के समागम कार्यक्रम में उद्घाटन के अवसर पर उक्तआशय का उद्बोधन देते हुए मुख्य अतिथि जितेन्द्र सिंह परिहार ने कहा कि विद्या भारती ही ऐसी संस्था है जो छात्रों को भारतीय संस्कार सिखाती है और समाज में बेहतर ढंग से जीना सिखाती है 

     इसी तारतम्य में संस्था के प्राचार्य विनोद कुमार शुक्ला ने कहा कि हमारे विद्यालय में अंग्रेजी सबसे सशक्त है क्योंकि हम सिर्फ अंग्रेजी बोलना नहीं सिखाते बल्कि अंग्रेजी का व्याकरण भी मजबूत करते हैं हमारी संस्था इन दोनों निशुल्क रूप से ऑनलाइन क्लासेस ले रही है जिससे पढ़ने में कमजोर बच्चे सशक्त हो रहे हैं हमारे विद्यालय की शिक्षा संस्कार आपके जीवन भर काम आते हैं और आपको बेहतर ऊंचाई पर ले जाते हैं हम खेल में भी सबसे आगे हैं हमारे विद्यालय के 250 छात्र प्रशासनिक पदों पर हैं 350 छात्र डॉक्टर हैं कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर तो देश और विदेशों में भी हैं हमारी संस्था का उद्देश्य है कि हम देश को बेहतर नागरिक दें जो समाज और देश के विकास में सहभागी बने। 

       विद्या भारती के सहसचिव नीरज अग्रवाल ने कहा कि परहित सरिस धर्म नहिं भाई हमारी संस्था विद्यार्थियों में मानवीय गुण देने में सक्षम है जो कॉन्वेंट स्कूल नहीं दे पाते।

मनेन्द्रगढ़ में 1970 में शुरू हुई सरस्वती शिशु मंदिर संस्थान के 55 साल के इतिहास में पहली बार पूर्व छात्रों का सम्मेलन संपन्न हुआ। यह आयोजन विगत रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए स्कूल के प्राचार्य विनोद शुक्ला ने बताया कि 1983 से 2005 तक विद्यालय के विद्यार्थी सम्मिलित हुए। 

 सुबह 8 बजे से सम्मेलन शुरू हुआ जो शाम 6 बजे तक चला जिसमे पूर्व और वर्तमान में कार्यरत आचार्यों का सम्मान और पूर्व छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा विद्यालय से शाम को घोष दल के साथ शोभायात्रा निकाली गई जो भगत सिंह तिराहे होकर जैन मंदिर गुरुद्वारा विवेकानंद चौक राम मंदिर होते हुए विद्यालय में समाप्त हुई । इस दौरान शोभायात्रा का जगह-जगह लोगों द्वारा स्वागत भी किया गया।

       इस अवसर पर जितेन्द्र सिंह परिहार नीरज अग्रवाल नीरज जैन सुंदरलाल दुग्गड़ दिनेश मिश्र पुरुषोत्तम गुप्ता महेंद्र जैन पदमा अग्रवाल रामकिशोर श्रीवास्तव राम प्रसाद गुप्ता रमाकांत पांडे हरिहर श्रीवास्तव दिनेश कुमार मिश्रा रामाधार कुशवाहा संध्या जैन रामचंद्र नामदेव सुभाष विश्वास सीमा आचार्य सूर्यकांत जोशी मुकेश चंद्राकर नरेंद्र अरोड़ा मृत्युंजय सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे