कार्तिक पूर्णिमा पर सिरौली में सजी श्रद्धा की छटा, आज से शुरू हुआ तीन दिवसीय मेला
दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, आस्था और परंपरा का अनूठा संगम
जिला ब्यूरो मृत्युंजय सोनी
एमसीबी - जिला मुख्यालय एमसीबी से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित सिरौली ग्राम के प्राचीन दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला ऐतिहासिक तीन दिवसीय मेला आज से शुरू हो गया है। हनुमान जी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। जिला नोडल अधिकारी (पर्यटन/संस्कृति विभाग) एवं इतिहासकार डॉ. विनोद पांडेय ने बताया कि इस पवित्र स्थल का इतिहास लगभग एक सदी पुराना है। मान्यता है कि सन 1924-25 के पूर्व यह संपूर्ण क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ था। स्थानीय गोवाहिकों द्वारा यहां हनुमान जी की प्रतिमा की जानकारी मिलने पर तत्कालीन कोरिया नरेश श्री रामानुज प्रताप सिंह देव स्वयं यहां पहुंचे। उन्होंने प्रतिमा को खुदवाने का प्रयास किया, लेकिन उसका अंत नहीं मिला। तत्पश्चात स्वप्न में आदेश मिलने पर उन्होंने यहीं मंदिर निर्माण का संकल्प लिया।
विक्रम संवत 2016 में स्वर्गीय श्री रामानुज प्रताप सिंह देव द्वारा दक्षिणमुखी संकटमोचन हनुमान मंदिर का निर्माण कराया गया। संस्थापक महंत स्वर्गीय नीलकंठ शुक्ल जी महाराज के समय से ही कार्तिक पूर्णिमा पर मेले की परंपरा प्रारंभ हुई, जो आज भी निरंतर जारी है। मेले में श्रद्धालुओं के लिए भंडारा, पूजा सामग्री, झूले, खिलौने और खानपान की दुकानों की आकर्षक व्यवस्था की गई है। पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज रहा है।
मंदिर से लगभग 50-60 मीटर की दूरी पर हंसदो नदी बहती है, वहीं 1 किलोमीटर दूर स्थित उदलकछार जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता से आगंतुकों को आकर्षित करता है। धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का यह संगम सिरौली को जिले का एक प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ स्थल ब
नाता है।