3100 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ - केल्हारी के किसान त्रिभुवन की जिंदगी में लौटी खुशहाली
सफलता की कहानी - किसान की जुबानी
जिला ब्यूरो मृत्युंजय सोनी -
एमसीबी - खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 जिले के किसानों के लिए उम्मीदों और खुशियों का नया संदेश लेकर आया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई किसान हितैषी नीतियों, प्रति एकड़ 21 क्विंटल और प्रति क्विंटल 3100 रुपये की समर्थन मूल्य दर ने किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। इन्हीं लाभों का प्रत्यक्ष असर केल्हारी निवासी किसान त्रिभुवन नारायण सिंह पर देखने को मिला, जिनकी मेहनत और सरकारी व्यवस्थाओं के बेहतर क्रियान्वयन ने उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया है।
केल्हारी उपार्जन केंद्र में बढ़ा उत्साह - 99.60 क्विंटल धान का विक्रय
त्रिभुवन नारायण सिंह इस वर्ष केल्हारी उपार्जन केंद्र में 99.60 क्विंटल धान बेचकर लगभग 3,08,760 रुपये प्राप्त कर सकते हैं। वे बताते हैं कि खरीदी केंद्र में इस वर्ष व्यवस्था और भी बेहतर है तौल-कांटा, बारदाना, पानी एवं अन्य सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। पिछले वर्ष उन्होंने लगभग 90.60 क्विंटल धान बेचा था, और उस दौरान भी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम रही थी।
3100 रुपये प्रति क्विंटल-बढ़ा आत्मविश्वास, मिली नई दिशा
त्रिभुवन बताते हैं कि पिछले वर्ष मिली आय से उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतों और रबी फसल की तैयारी की थी। इस वर्ष 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर ने उनकी उम्मीदों को और मजबूत किया है। उनका कहना है कि समय पर तौल, सरल प्रक्रिया और मंडी में उपलब्ध साफ-सुथरी सुविधाओं ने खेती को आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास दिया है।
मुख्यमंत्री को किसान का धन्यवाद
त्रिभुवन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए जा रहे निर्णयों से उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है। “किसान मजबूत होगा तो प्रदेश मजबूत होगा” यह बात अब जमीनी स्तर पर सच होती दिखाई दे रही है।
किसानों में उत्साह-सरकार की नीतियों का मिला व्यापक समर्थन
त्रिभुवन की तरह जिले के अन्य किसानों ने भी इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, सुगम और किसान हित में बताया है। हर किसान की कहानी प्रदेश की समृद्धि का प्रतीक बन रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर कृषि राज्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।