कोड़ा उपार्जन केन्द्र में व्यवस्थित खरीदी से किसान खुश हैं

कोड़ा उपार्जन केन्द्र में व्यवस्थित खरीदी से किसान खुश हैं

जिला ब्यूरो मृत्युन्जय सोनी 

एमसीबी/टोकन सुविधा व अच्छे समर्थन मूल्य मिलने से खड़गवां ब्लॉक के कोड़ा उपार्जन केंद्र में इस बार समर्थन मूल्य पर शुरू हुई धान खरीदी ने किसानों के बीच विश्वास का नया अध्याय खोल दिया है। सुव्यवस्थित व्यवस्था और किसान-हितैषी प्रक्रियाएँ खेतों से उपार्जन केंद्रों तक एक सकारात्मक माहौल का निर्माण कर रही हैं। देवाडांड निवासी के प्रगतिशील किसान संदीप कुमार साहू पिता सालिक राम साहू इस परिवर्तन के चमकते उदाहरण बनकर उभरे हैं। संदीप का कहना है कि पिछले वर्ष के भाती इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था ने वास्तव में यह साबित किया है कि सरकार की नीयत और नीति-दोनों जमीन पर मजबूती से दिखाई दे रही हैं।संदीप कुमार साहू आज 100 क्विंटल धान लेकर कोड़ा उपार्जन केंद्र पहुँचे। प्रवेश की शुरुआत से लेकर अंतिम तौल तक एक ऐसी प्रणाली दिखाई दी, जिसमें कई सुधार साफ झलक रहे थे। कर्मचारी सहयोगी, बारदाना पर्याप्त, तौल-कांटा सटीक और परिसर पूरी तरह व्यवस्थित था। किसान आराम से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे और किसी को भी भीड़, अव्यवस्था या देर का सामना नहीं करना पड़ा। केंद्र में स्वच्छ पेयजल और क्रमबद्ध सेवा ने किसानों के विश्वास को नई मजबूती दी। संदीप खुशी से बताते हैं कि इस बार खरीदी व्यवस्था में किसान पहले से कहीं अधिक सम्मानित महसूस कर रहे हैं। समर्थन मूल्य से मिली आर्थिक राहत, टोकन प्रणाली ने किसानों का तनाव कम किया है पूरे प्रदेश में 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत आधार दिया है। उन्होंने बताया की 100 क्विंटल धान बेचने पर संदीप को मिलने वाली लगभग तीन लाख रुपये से अधिक की राशि को उन्होंने कृषि कार्य, छोटा भाई की पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। संदीप बताते हैं कि समर्थन मूल्य ने किसानों के जीवन में स्थिरता लाई है और अब मेहनत का वास्तविक मूल्य मिल पाने से आत्मविश्वास पहले से कहीं अधिक है। इस वर्ष लागू की गई ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन प्रणाली किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत बनकर उभरी। पहले जहां टोकन कटने में घंटों लग जाते थे और तकनीकी समस्या से जूझना पड़ता था, वहीं अब पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी हो गई है। किसानों को न भीड़ का सामना करना पड़ा, न धक्का-मुक्की। संदीप जैसे किसान बताते हैं कि उनका टोकन निर्धारित समय पर जारी हुआ और दो घंटे में पूरा काम खत्म हो गया, यह पहले की तुलना में बेहद बड़ा सुधार है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की किसान-हितैषी नीतियों की गूंज पूरे क्षेत्र मे संदीप कुमार साहू मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा किसानों की समस्याओं को समझकर किए गए सुधारों की सराहना करते हुए कहते हैं कि इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था ने सरकार की संवेदनशीलता को सिद्ध कर दिया है। उपार्जन केंद्रों का बेहतर प्रबंधन, किसानों के लिए आधुनिक सुविधाएँ और बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य सभी किसानों के लिए राहत का बड़ा कारण बने हैं। केवल कोड़ा ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी किसानों के बीच इस बार का माहौल बेहद सकारात्मक है। किसानों का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया जितनी पारदर्शी, सुचारू और सम्मानजनक इस बार दिख रही है, वैसी परिस्थिति उन्होंने वर्षों बाद देखी है। उनकी मेहनत का सम्मान हो रहा है, उन्हें उचित मूल्य मिल रहा है और भविष्य की खेती के लिए एक नई ऊर्जा प्राप्त हो रही है।