महिलाएं देश, समाज के विकास में सहभागी हैं डॉ रश्मि सोनकर
जिला ब्यूरो मृत्युन्जय सोनी
एमसीबी/भारत के विकास में आदिकाल से ही स्त्रियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है वे अपने परिवार की देखभाल करती हैं ताकि बाकी लोग अपने कार्य अच्छी तरह से कर सकें,वे ही बच्चों को संस्कारित करके देश, समाज को अच्छे, कर्तव्यनिष्ठ नागरिक दे रही हैं वर्तमान में वे समाज के विभिन्न क्रियाकलापों में सहभागी होकर पर्यावरण संरक्षण, जागरूकता अभियान को सशक्त कर रही हैं। संघ के शताब्दी वर्ष पूर्ण होने पर विद्या भारती संस्थान के द्वारा पूरे भारत देश में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर संस्थान के माध्यम से सप्तशक्ति संगम का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, यह कार्यक्रम महिलाओं के द्वारा महिलाओं के लिए किया जा रहा है इसी तारतम्य में सरस्वती शिशु मंदिर झगराखंड के बाद सरस्वती शिशु मंदिर सरभोका में सप्तशती संगम का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्टर रश्मि सोनकर ने अपना उद्बोधन देते हुए ने भारत भारत के विकास में महिलाओं के योगदान को इतिहास से लेकर अब तक समस्त महिलाओं के ऐतिहासिक और आधुनिक विषयों को लेकर के अपनी बातों को रखा, डॉक्टर रश्मि सोनकर ने कहा कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से महिलाओं के कंधे पर इसलिए है क्योंकि एक नारी शक्ति ही घर परिवार समाज और देश में बदलाव लाने के लिए एक धुरी के समान होती है समाज की सभी कुरीतियों का दहन एक नारी शक्ति के हाथों से ही किया जा सकता है वंदना पांडे ने कुटुंब प्रबोधन के विषय में अपनी बातों को रखते हुए कहा कि आजकल एकल परिवार का प्रचलन बढ़ गया है हमारा ध्यान कुटुंब की ओर होना चाहिए जहां तीन पीढ़ी एक साथ निवास करें मीना त्रिपाठी ने पर्यावरण संरक्षण पर अपना विषय रखा और उन्होंने कहा कि आदिकाल से ही हम भारतीय प्रकृति की पेड़ पौधों की नदी इन सब की पूजा हम करते आए हैं, इसलिए नदी पानी इन सब की साफ सफाई की भी जिम्मेदारी हम सभी की होती है कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष उद्बोधन चंपा देवी पावले ने रखा जिसमें उन्होंने महिलाओं को कहा कि आज के इस कार्यक्रम में जिन-जिन बातों को रखा गया है आप सभी उसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें सरस्वती शिशु मंदिर के पूरे विद्यालय परिवार प्राचार्य सभी ने इस कार्यक्रम के लिए अपना विशेष योगदान दिया इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्ष चंपा देवी पावले, वंदना पाण्डेय, मीना त्रिपाठी,सुषमा दत्ता, सरपंच मालती, उप सरपंच सुधा एवं विद्यालय प्राचार्य व समस्त शिक्षकों सहित पंचायत की महिलाएं उपस्थित रहीं