"लौह पुरुष के आदर्शों से सजे राष्ट्रीय एकता दिवस — जनकपुर महाविद्यालय में सरदार पटेल को नमन"

"लौह पुरुष के आदर्शों से सजे राष्ट्रीय एकता दिवस — जनकपुर महाविद्यालय में सरदार पटेल को नमन"

जिला ब्यूरो मृत्युंजय सोनी 

एमसीबी — यदि सरदार वल्लभभाई पटेल ना होते, तो भारत का एकीकरण शायद ही संभव हो पाता। भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा जैसी संस्थाओं की स्थापना से लेकर संविधान सभा में उनके योगदान तक, लौह पुरुष का राष्ट्र निर्माण में योगदान अद्वितीय है। इसी भावना के साथ शासकीय नवीन महाविद्यालय जनकपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अतुल कुमार वर्मा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “सभी विद्यार्थियों को सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके बताए एकता एवं राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए।” इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सरदार पटेल के जीवन और उनके राष्ट्रहितकारी कार्यों पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. परमानंद ने उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला, वहीं राजनीति शास्त्र के अतिथि व्याख्याता आशुतोष वर्मा ने सरदार पटेल के समाज सुधारक से लेकर राजनीतिक निर्णयों तक के योगदान पर विस्तृत जानकारी दी।

इसके पश्चात सभी उपस्थितजनो को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई गई

कार्यक्रम में डॉ. अवनीश पटेल, महावीर पैकरा, ऋषभ कुमार बोरकर, गीतिका वर्मा, मोनिका मिश्रा, डॉ. दीपशिखा पटेल, अजय कुमार साहू, युवराज सिंह जगत, राजाराम सिंह परस्ते सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक-कर्मचारी एवं भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में रघुवीर बसंल, निखिल केवट, रागिनी नामदेव, सृष्टि केवट, ओमिला पटेल, रविना मौर्य, शिवानी यादव, साक्षी मिश्रा, अंशुल मौर्य, अनामिका केवट, करिश्मा सिंह, रचना बैगा, प्रभाकर सिंह, हिमांशु बैगा सहित अनेक विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।