“संकट की घड़ी में देवदूत बने राजेश राजवाड़े — मानवता की मिसाल बनकर बचाई एक अनमोल ज़िंदगी”

“संकट की घड़ी में देवदूत बने राजेश राजवाड़े — मानवता की मिसाल बनकर बचाई एक अनमोल ज़िंदगी”

कोरिया - मानवता आज भी जीवित है—इसका प्रेरणादायी उदाहरण कोरिया जिले में उस समय देखने को मिला, जब एक गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान समय रहते बचाई गई। दिनांक 26 दिसम्बर समय लगभग दोपहर 2:10 बजे, CMHO कार्यालय के समीप कंचनपुर मंदिर टर्निंग, नदी के ऊपर, सड़क दुर्घटना के पश्चात जुम्मन खान, निवासी चर्चा, SECL कर्मचारी (झिलमिली) गंभीर अवस्था में सड़क पर बेहोश पड़े मिले। उनके सिर में गहरी चोटें आई थीं, जिससे मुंह, कान एवं नाक से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। इसी दौरान भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री श्री राजेश राजवाड़े जी, निवासी मझगवा, अपने व्यक्तिगत कार्य से कुडेली जा रहे थे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने बिना एक क्षण गंवाए अपनी गाड़ी रोकी और तत्काल एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस समय पर न पहुँच पाने की स्थिति में भी उन्होंने धैर्य और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अपने सहयोगी श्री प्रदीप पैकरा एवं प्रीति पैकरा (C.H.O, उप स्वास्थ्य केंद्र अमहर) के सहयोग से घायल को एक्टिवा स्कूटी द्वारा तत्काल जिला अस्पताल बैकुंठपुर पहुँचाया। श्री राजेश राजवाड़े जी की सूझबूझ से घायल का मोबाइल फोन अनलॉक होने पर उनके पुत्र से तुरंत संपर्क स्थापित किया गया तथा परिजनों को जिला अस्पताल बुलाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के पश्चात घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए आपातकालीन चिकित्सकों द्वारा उन्हें तत्काल रेफर किया गया। इस पूरे घटनाक्रम में श्री राजेश राजवाड़े जी, श्री प्रदीप पैकरा एवं प्रीति पैकरा द्वारा दिखाया गया साहस, त्वरित निर्णय और करुणा भाव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। निःस्वार्थ भाव से निभाया गया यह दायित्व वास्तव में मानवता का जीवंत उदाहरण है।