अटल जी केवल स्मृति नहीं, शासन की दिशा हैं : पुरंदर मिश्रा
अटल विचारधारा आज भी प्रशासन और लोकतंत्र की आत्मा – पुरंदर मिश्रा
रायपुर - भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस पर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने उन्हें श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता के साथ नमन किया। विधायक श्री मिश्रा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरुष थे, जिन्होंने सत्ता को सेवा और शासन को संवेदना से जोड़ा। उनका सार्वजनिक जीवन मूल्यों, मर्यादा और जनहित के प्रति अडिग प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि अटल जी का नेतृत्व केवल नीतियों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह आम नागरिक की आशाओं और विश्वासों से जुड़ा हुआ था। दूरदर्शी सोच, संवाद की संस्कृति और समावेशी विकास उनकी कार्यशैली की पहचान थी, जिसने देश को स्थायित्व और दिशा प्रदान की। उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने कहा कि आज सुशासन की परिकल्पना—पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध जनसेवा—अटल जी के विचारों से ही ऊर्जा प्राप्त करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार इन आदर्शों को व्यवहार में उतारते हुए जनहितकारी और भरोसेमंद शासन की ओर निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस केवल एक स्मृति अवसर नहीं, बल्कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए आत्ममंथन और संकल्प का दिन है—कि शासन की हर योजना समाज के अंतिम व्यक्ति तक ईमानदारी से पहुंचे। विधायक श्री मिश्रा ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचारों को अपने जीवन, कार्य और सामाजिक दायित्वों में अपनाएं तथा राष्ट्र और प्रदेश के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।