कांग्रेस अपने अतीत के भ्रष्टाचार पर भी बोले –रामचरित द्विवेदी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी 

कांग्रेस अपने अतीत के भ्रष्टाचार पर भी बोले –रामचरित द्विवेदी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी 

जिला ब्यूरो मृत्युन्जय सोनी 

एमसीबी /कांग्रेस द्वारा हाल ही में कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर ईमानदार कलेक्टर पर आरोप लगाए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा पलटवार किया है। भाजपा एमसीबी जिला मीडिया प्रभारी रामचरित द्विवेदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “ईमानदार अधिकारियों पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस को अपने कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार पर भी जवाब देना चाहिए।”

श्री द्विवेदी ने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर था। शराब घोटाला, कोयला लेवी, डीएमएफ घोटाला, पीएससी भर्ती घोटाला जैसे गंभीर मामलों में कई अधिकारी और कांग्रेस से जुड़े नेता जेल जा चुके हैं, तो कई अभी भी जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस इन मामलों पर भी बोलने का साहस करेगी, या केवल प्रशासन पर दबाव बनाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकती रहेगी?

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति अब पूरी तरह दोहरे मापदंडों पर आधारित हो गई है। जब सत्ता में थे, तब भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया गया और आज सत्ता से बाहर होने के बाद वही पार्टी खुद को ईमानदारी का प्रमाणपत्र बांटने का प्रयास कर रही है। यह जनता का अपमान है

श्री द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान में प्रशासन पारदर्शिता और नियमों के तहत कार्य कर रहा है, जिससे कांग्रेस नेताओं के निजी और राजनीतिक हित प्रभावित हो रहे हैं। इसी बौखलाहट में कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ईमानदार अधिकारी को बदनाम करने की साजिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।

उन्होंने यह भी कहा कि आज जनता जागरूक है और सब कुछ देख रही है। कांग्रेस का इतिहास भ्रष्टाचार, परिवारवाद और सत्ता के दुरुपयोग से भरा रहा है। जिनके अपने नेता और अधिकारी जेल और बेल के बीच झूल रहे हों, उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

 रामचरित द्विवेदी ने कहा कि भाजपा हमेशा ईमानदार प्रशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। कांग्रेस को चाहिए कि घेराव और बयानबाजी छोड़कर पहले अपने गिरेबान में झांके और जनता को यह बताए कि उनके शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार का जिम्मेदार कौन था।