शासकीय नवीन महाविद्यालय नागपुर में जनजातीय गौरव माह के अंतर्गत व्याख्यान संपन्न 

शासकीय नवीन महाविद्यालय नागपुर में जनजातीय गौरव माह के अंतर्गत व्याख्यान संपन्न 

जिला ब्यूरो मृत्युन्जय सोनी 

एमसीबी / शासकीय नवीन महाविद्यालय नागपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर "जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत: ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान" विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया । 

    महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ.राम किंकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और छत्तीसगढ़ के राजगीत ' अरपा पैरी के धार ' के सामूहिक गायन से हुई। दीप प्रज्ज्वलन और महान जनजातीय विभूतियों के चित्रों पर उपस्थित अतिथियों द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भरतपुर सोनहत विधानसभा की पूर्व विधायक श्रीमती चंपा देवी पावले ने कहा कि" जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की आत्मा है। भारतीय संस्कृति की संपूर्ण झांकी जनजातीय समाज के जीवन में दिखाई देती है । विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष श्रीमती मालती सिंह और  संजय राय जी ने संविधान द्वारा जनजातीय समुदायों को दिए गए अधिकारों व सुरक्षा के प्रावधानों पर विशेष जानकारी दी। विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित प्रदेश उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज  भगवान सिंह ने जनजातीय समाज के संघर्ष,साहस और देशहित में दिए गए अमूल्य योगदान को विस्तृत रूप से रेखांकित किया। कार्यक्रम उपस्थित  वक्ता  हरभजन सिंह  (वनवासी कल्याण आश्रम) एवं मुख्य वक्ता  नागेश नाथ योगी विभाग प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोरिया ने जनजातीय समाज की प्राचीन जीवन पद्धति, प्रकृति संरक्षण और समुदाय -आधारित जीवन मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक भारत को इन मूल्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

  कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.राम किंकर पाण्डे जी ने अपने संदेश में कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का अतुलनीय अध्याय है,जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। कार्यक्रम का सफल संयोजन और संचालन कार्यक्रम प्रभारी भौतिक शास्त्र के सहायक प्राध्यापक  मोहन मुरारी कंवर द्वारा किया गया उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत ,एक कहानी नहीं,किताब नहीं, बल्कि जनजातिय समाज की इच्छा, अधिकारों की सुरक्षा और विशेषता समझे तो लोकतंत्र की आत्मा भी है। इसलिए इस दिवस को छात्रों में जागरूकता और प्रेरणा जगाने के उद्देश्य से मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया गया जिसमे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जनजातीय गौरव गाथा पर आधारित रचनात्मक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक गण श्रीमती पिंकी सिंह,  राम शरण सिंह,  विश्वनाथ कंवर , उज्विजवल शाल और  अरविन्द बंजारे का विशेष योगदान रहा। उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग के अतिथि व्याख्याता जय कुमार तिवारी ने ज्ञापित किया।