अनामिका चक्रवर्ती की कविताएं अनछुए विषयों पर साहसिक कविताएं हैं। नाटककार राजेश कुमार

अनामिका चक्रवर्ती की कविताएं अनछुए विषयों पर साहसिक कविताएं हैं। नाटककार राजेश कुमार

जिला ब्यूरो मृत्युन्जय सोनी 

एमसीबी/अनामिका चक्रवर्ती की कविताओं में उनका साहस देखने योग्य है उन्होंने पुरुष सत्ता से, समाज से बिना डरे ऐसे विषयों पर कविताएं लिखी हैं जिन पर लोग बात भी नहीं करते।
देश के सबसे बड़े पुस्तक मेला "विश्व पुस्तक मेला 2026"नई दिल्ली में भावना प्रकाशन के स्टाल पर अनामिका चक्रवर्ती के काव्य संग्रह "एक अरसे बाद" के विमोचन के अवसर पर नाटककार राजेश कुमार ने कहा कि उनकी कविताओं में स्त्री के विभिन्न आयामों को स्थान दिया गया है, उन्होंने प्रेम का आधुनिक रूप प्रस्तुत किया है।
इस अवसर पर वंदना वाजपेई ने कहा कि अनामिका चक्रवर्ती अपने पारिवारिक दायित्वों को पूरा करते हुए निरंतर लिखती रहती हैं यह भी अपने आप में बड़ी बात है, उनकी कविताओं की स्त्री  बाल सुखाते, खाना पकाते, बाजार में घूमते हर समय अलग अलग सपने देखती है। वंदना वाजपेई ने कहा कि उनकी एक कविता है विवाहित स्त्री जो बहुत चर्चित और वायरल हुई है,उनका विद्रोह जरुरी विद्रोह है वे सदैव परिवार को साथ लेकर चलने की बात करती हैं और जहां जरुरत है वहां विद्रोह भी करती हैं।
इसी तारतम्य में कथाकार डॉ सुनीता ने कहा कि अनामिका चक्रवर्ती की कविताओं की स्त्री के विभिन्न पहलुओं को रखा गया है,वह समाज में जब अपना स्थान बनाए रखने की निरंतर कोशिश करती है, जितना ज्यादा स्त्रियां लिखेंगी उतना ज्यादा समाज सरल होगा और उनके प्रति बनी धारणाएं ध्वस्त होंगी।
इसी कड़ी में प्रख्यात साहित्यकार व पत्रकार प्रियदर्शन ने कहा उनकी कविताओं में स्त्री अपनी पहचान खोजने पारिवारिक दायित्व से बाहर निकल कर अपनी पहचान बनाने की कोशिश है, उनकी कुछ कविताएं बहुत बोल्ड हैं जिनके कारण उन पर निरंतर हमले होंगे।
इस अवसर पर 
प्रसिद्ध नाटककार कथाकार राजेश कुमार जी, मशहूर पत्रकार एवं लेखक प्रियदर्शन जी, चर्चित लेखक पत्रकार विमल कुमार जी, कथाकार और प्रखर आलोचक डॉ सुनीता जी, कथाकार वंदना वाजपेई जी, जाने माने उपन्यासकार  अजय शर्मा जी (जालंधर से ) एवं अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज की कहानीकार वंदना गुप्ता जी, साहित्यकार विशाल अंधारे, हरगोविंद पुरी, भानु प्रकाश, चर्चित व्यंग्यकार अर्चना चतुर्वेदी जी, सिनीवाली शर्मा
लोकार्पण में वंदना वाजपेयी डॉ सुनीता  प्रियदर्शन जी एवं राजेश कुमार उपस्थित रहे।
पुस्तक मेले में काव्य संग्रह को इतना पसंद किया गया और लोगों द्वारा खरीदा गया कि काव्य संग्रह भावना प्रकाशन के स्टॉल पर आउट ऑफ स्टॉक हो गयी।
मित्रों पाठकों और प्रशंसकों में काव्य "एक अरसे बाद" के लिए अनामिका चक्रवर्ती को बधाई दी